Vidyaadhanam | Kalpalatev Vidhhya | Ruchira - 7th Sanskrit - Summary, Word Meaning, Cbse Ncert Solutions of chapter exercise, Additional Sanskrit Questions Answers | विद्याधनम्

 Class 7 Ruchira - Vidyaadhanam (विद्याधनम्)

Kalpalatev Vidhhya (कल्पलतेव विद्या)

CBSE Notes, NCERT Solutions, CBSE Guide for Sanskrit - Ruchira
Sanskrit Words meaning in Hindi / English
Summary and Meaning of Sanskrit Slokas in Hindi

RUCHIRA - Lesson Vidyaadhanam (विद्याधनम्)
शब्दार्थ, श्लोक का अर्थ, Meaning of Sanskrit Words and Slokas (Stanza)

(१)  न चौरहार्यं न . . . . . . . 
      . . .  विद्याधनं  सर्वधनप्रधानम्।। 

चौर्हार्यम् = चोर के द्वारा चुराने योग्य। राजहार्यम् = राजा के द्वारा छीनने योग्य।  भ्रातृभाज्यम् = भार बढ़ाने वाला।व्यये कृते = खर्च किए जाने पर। वर्धते = बढ़ता है।

विद्या चोरों के द्वारा न चुराने योग्य है, न राजा के द्वारा छीनने योग्य है, न भाइयों के द्वारा बाँटने योग्य है, न यह भार बढ़ाने वाली है। खर्च करने से रोज यह बढ़ती है, विद्या धन सभी धन से महान है।

(२) विद्या नाम नरस्य . . . . . 
      . . . . विद्याविहीनः पशुः।। 

प्रच्छन्नगुप्तम् = गुप्त से गुप्त धन। भोगकरी = भोगों को देने वाली। पूज्यते = पूजी जाती है।  विहीनः = रहित।

विद्या नामक मनुष्य का सौंदर्य अधिक बढ़ जाता है, विद्या गुप्त धनों का गुप्त है, विद्या भोग, यश, सुख प्रदान करने वाली है, विद्या सभी गुरुओं का गुरू है। विद्या विदेश में बन्धुजना है, विद्या सभी देवताओं का देवता है, विद्या राजाओं में पूजे जाते है न कि धन, विद्या से रहित मनुष्य पशु के समान है। 

(३) केयूराः न विभूषयन्ति . . . .
      . . . . वाग्भूषणं भूषणम् ।।

केयूराः = बाजूबन्द। चन्द्रोज्ज्वलाः = चन्द्रमा के समान शोभायमान।  विलेपनम् = शरीर पर लेप करने योग्य सुगन्धित द्रव्य। अलङ्कृताः = सजाए हुए। समलङ्करोति = अच्छी प्रकार सुशोभित करती है।  मूर्धजाः = बाल। क्षीयन्ते = नष्ट हो जाते हैं।  सततम् = सनातन। 

पुरूषों को न बाजूबन्द शोभा देता है और न चन्द्र के जैसा उज्ज्वल हार, न सुगन्धित द्रव्यों से स्नान, न फूल और न सँवारे हुए बाल। पुरूषों को एकमात्र संस्कारयुक्त वाणी ही अच्छी तरह सुशोभित करती है। सम्पूर्ण आभूषण नष्ट हो जाते हैं सिर्फ वाणी ही सनातान होता है। 

(४) मातेव रक्षति . . . . 
      . . . . कल्पलतेव विद्या।। 

इव = के समान। कान्ता = पत्नी। अपनीय = दूर करके। तनोती = फैलती है। दीक्षु = दिशाओं में। साधयति = सिद्ध करती है। कल्पलता = देवताओं।

विद्या माता की तरह रक्षा करती है, पिता की तरह कल्याण में लगाती है, पत्नी की तरह कष्टों को दूर कर आनन्द प्रदान करती है। विद्या धन को बढ़ाती है, दिशाओं में यश को फैलाती है, विद्या कल्पलता की तरह क्या-क्या नहीं सफल करती है। 


CBSE NCERT Solution of CBSE Class 7 Sanskrit - Ruchira
Chapter Vidyaadhanam textbook exercises answers - विद्याधनम् (प्रश्न - अभ्यास)
Kalpalatev Vidhhya (कल्पलतेव विद्या)

Question 1. उपयुक्तकथनानां समक्षम् 'आम्', अनुपयुक्तकथनानां समक्षं 'न' इति लिखत - (उपयुक्त कथनों के सामने 'आम्' तथा अनुपयुक्त कथनों के सामने 'न' ऐसा लिखें)
(क) विद्या राजसु पूज्यते।  ______
(ख) वाग्भूषणं भूषणं न।   _______
(ग) विद्याधनं सर्वधनेषु प्रधानम्।  ______
(घ) विदेशगमने विद्या बन्धुजनः न भवति।  ______
(ङ) सर्वं विहाय विद्याधिकारं कुरु।  _______
(च) विद्या सर्वत्र कीर्तिं तनोति।  ________

उत्तरम् (Answer):
(क) विद्या राजसु पूज्यते।  = आम्
(ख) वाग्भूषणं भूषणं न।   = 
(ग) विद्याधनं सर्वधनेषु प्रधानम्।  = आम्
(घ) विदेशगमने विद्या बन्धुजनः न भवति।  = 
(ङ) सर्वं विहाय विद्याधिकारं कुरु।  = आम्
(च) विद्या सर्वत्र कीर्तिं तनोति।  = आम्

Question 2. अधोलिखितानां पदानां लिङ्ग, विभक्तिं वचनञ्च लिखत - (अधोलिखित पदों के लिंग, विभक्ति और वचन लिखें) 
Ruchira - Vidyaadhanam - Kalpalatev Viddhya - CBSE NCERT Solution
उत्तरम् (Answer):

पदानि

लिङ्गम्

विभक्तिः

वचनम्

नरस्य

पुंल्लिङ्गंम्

षष्ठी

एकवचनम्

गुरूणाम्

पुंल्लिङ्गंम्

षष्ठी

बहुवचनम्

केयूराः

पुंल्लिङ्गंम्

प्रथमा

बहुवचनम्

कीर्तिम्

स्त्रीलिङ्गम्

द्वितीया

एकवचनम्

भूषणानि

नपुंसकलिङ्गम्

प्रथमा

बहुवचनम्

 
Question 3. श्लोकांशान् योजयत - (श्लोकांशों को जोड़ें)
Ruchira - Vidyaadhanam - Kalpalatev Viddhya - CBSE NCERT Solution
उत्तरम् (Answer):

विद्या राजसु पूज्यते हि धनम्

विद्या-विहिनः पशुः।

केयूराः विभूषयन्ति पुरुषम्

हारा चन्द्रोज्ज्वलाः।

चौरहार्यं राजहार्यम्

भ्रातृभाज्यं भारकारि।

सत्कारायतनं कुलस्य महिमा

रत्नैर्विना भूषणम्।

वाण्येका समलङ्करोति पुरुषम्

या संस्कृता धार्यते।

मातेव रक्षति पितेव हिते नियुङ्क्ते 

कान्तेव चाभिरमयत्यपनीयखेदम् 


Question 4. एकपदेन प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत - (एक पद में उत्तर लिखें)
(क) कः पशुः?
(ख) का भोगकरी?
(ग) के पुरुषं न विभूषयन्ति?
(घ) का एका पुरुषं समलङ्करोति?
(ङ) कानि क्षीयन्ते?
उत्तरम् (Answer):
(क) विद्याविहीनः।
(ख) विद्या।
(ग) केयूराः।
(घ) वाणी।
(ङ) भूषणानि।

Question 5. रेखाङ्कितपदानि अधिकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत - (रेखांकित पदों के आधार पर प्रशन्न निर्माण करें)
(क) विद्याविहीनः नरः पशुः अस्ति।
(ख) विद्या राजसु पूज्यते।
(ग) चन्द्रोज्ज्वलाः हाराः पुरुषं न अलङ्कुर्वन्ति।
(घ) पिता हिते नियुङ्क्ते?
(ङ) विद्याधनं सर्वप्रधान धनमस्ति।
(च) विद्या दिक्षु कीर्तिं तनोति।
उत्तरम् (Answer):
(विद्याविहीन: पशुअस्ति?
(का राजसु पूज्यते?
(चन्द्रोज्ज्वलाके पुरुषं न अलङ्कुर्वन्ति?
(: हिते नियुङ्क्ते?
(विद्याधनं कीदृशं  धनमस्ति?
(विद्या कुत्र कीर्तिं तनोति?

Question 6. पूर्णवाक्येन प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत - (पूर्ण वाक्य में प्रश्नों के उत्तर लिखें)
(क) गुरूणां गुरुः का अस्ति?
(ख) कीदृशी वाणी पुरुषं समलङ्करोति?
(ग) व्यये कृते किं वर्धते?
(घ) भाग्यक्षये आश्रयः कः?
  
(ङ) विद्या कुत्र कीर्तिं वितनोति ?
  (च) माता पिता इव विद्या किं किं करोती ?
उत्तरम् (Answer):
(क) गुरूणां गुरुः विद्या अस्ति।
(ख) संस्कृता धार्यते वाणी पुरुषं समलङ्करोति।
(ग) व्यये कृते विद्याधनं वर्धते।
(घ) भाग्यक्षये आश्रयः विद्या अस्ति।
() विद्या दिक्षु कीर्तिं वितनोती। 
() माता पिता इव विद्या रक्षति हिते च नियुङ्क्ते। 

Question 7. मञ्जूषातः पुँल्लिङ्ग-स्त्रीलिङ्ग-नपुंसकलिङ्गपदानि चित्वा लिखत - (मंजूषा से पुंल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग और नपुंसकलिङ्ग पदों को लेकर लिखो)
विद्या   धनम्    संस्कृता    सततम्    मूर्धजाः    पशुः    गुरूः    रतिः    कान्ता 
Ruchira - Vidyaadhanam - Kalpalatev Viddhya - CBSE NCERT Solution
उत्तरम् (Answer):

पुंल्लिङ्गंम्

स्त्रीलिङ्गम्

नपुंसकलिङ्गम्

पशुः

विद्या

धनम्

गुरुः

संस्कृता

कुसुमम्

मूर्धजाः

रतिः

सततम्

-

कान्ता 

-


अतिरिक्तः अभ्यासः (CBSE Sample Additional Questions in Sanskrit & Hindi)

Class 7 Ruchira - CBSE NCERT Solution for Sanskrit

Vidyaadhanam (विद्याधनम्)Kalpalatev Vidhhya (कल्पलतेव विद्या)

Question: एकपदेन उत्तरत - (एक पद में उत्तर दें)
(क) किं चौरहार्यं अस्ति ?
(ख) विद्या नरस्य किम् अस्ति ?
(ग) गुरूणां गुरूः कः अस्ति ?
(घ) कीदृशी वाणी पुरूषं समलङ्करोति ?
(ङ) माता इव का रक्षति ?
उत्तरम् (Answer):
(क) विद्याधनम् । 
(ख) रूपम् । 
(ग) विद्या । 
(घ) संस्कृता । 
(विद्या । 

Question: अधोलिखितेषु सन्धिविरधेया - (निम्नलिखित सन्धि करें)
यथा - रमा ईशः - रमेशः। 
(क) पिता इव। 
(ख) माता इव। 
(ग) कान्ता इव। 
(घ) राका ईशः। 
(ङ) लता इव। 
उत्तरम् (Answer):
(क) पितेव। 
(ख) मातेव। 
(ग)  कान्तेव। 
(घ) राकेशः। 
() लतेव। 



Hindi to Sanskrit Translation (Anuvad) Ex-2 | Translate from Hindi sentences to Sanskrit | संस्कृते अनुवादम् कुरुत

संस्कृते अनुवादम् कुरुत 
Hindi to Sanskrit Translation | Hindi - Sanskrit Anuvad
(Exercise 2 - अभ्यास २)

नीचे दिए गए हिन्दी वाक्यों को संस्कृत में अनुवाद कीजिए

More Hindi to Sanskrit Translations (Exercise - 1)

१. तुम्हारा नाम क्या है? 

Sanskrit: तव नामः किम् अस्ति ?  

२. मंदिर के चारों ओर भक्त हैं।  

Sanskrit: मन्दिरं परितः भक्ताः सन्ति।    

३. वह वानर वृक्ष से उतरकर नीचे बैठा है। 


Sanskrit: वानरः वृक्षात् अवतीर्य्य नीचैः उपविष्टोSस्ति।      

४. माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना उचित है।  

Sanskrit: पितरौ गुरूजनाश्च सम्माननीयाः।

५. बालक को लडडू अच्छा लगता है। 

Sanskrit: बालकाय मोदकं रोचते।

६. यह रमेश की पुस्तक है।  

Sanskrit: इदं रमेशस्य पुस्तकम् अस्ति।

७. बालिका जा रही है।  

Sanskrit: बालिका गच्छन्ती अस्ति।

८. सज्जन व्यक्ति पाप से घृणा करता है।  

Sanskrit: सज्जनः पापाद् जुगुप्सते 

९. बालक विद्धालय जाता है।  

Sanskrit: बालकः विद्धालयं गच्छति।

१०. आकाश में पक्षी उड़ते हैं।  

Sanskrit: वियति (आकाशे) पक्षिणः उड्डीयन्ते।

११. विद्धाविहीन मनुष्य और पशुओं में कोई भेद नहीं है। 

Sanskrit: विद्धविहीनानां नराणां पशूनाञ्य कोऽपि भेदो नास्ति  

१२. सुनील आज मेरे घर आएगा।  

Sanskrit: सुनिलः अद्ध मम गृहमागमिष्यति।

१३. व्यायाम से शरीर बलवान हो जाता है।  

Sanskrit: व्यायामेन शरीरं बलवद् भवति 

१४. राम के साथ सीता वन जाती है। 

Sanskrit: रामेण सह सीता वनं गच्छति।


१५. सुबह उठकर पढ़ने बैठ जाओ।

Sanskrit: प्रातः उत्थाय अध्येतुम् उपविशः 

१६. घर के बाहर वृक्ष हैं। 

Sanskrit: गृहात् बहिः वृक्षः अस्ति 

१७. इन दिनों वस्तुओं का मूल्य अधिक हैं। 

Sanskrit: एषु दिनेषु वस्तूनां मूल्यम् अधिकम् अस्ति।

१८. विद्धालय के सामने सुन्दर उद्धान है।

Sanskrit: विद्धालयस्य पुरतः सुन्दरम् उद्यानं वर्तते।

१९. बुद्धि ही बल से श्रेष्ठ है। 

Sanskrit: मतिरेव बलाद् गरीयसी।

२०. बालकों को मिठाई पसंद है।   

Sanskrit: बालकेभ्यः मधुरं रोचते।  

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Sadaachar, Ruchira - Class 7 Sanskrit - Hindi summary, word meaning, NCERT solutions of textbook exercises | CBSE Sanskrit Guide | सदाचार:

Class 7  Sadaacharah (सदाचारः)
CBSE Notes, NCERT Solutions, CBSE Guide for Sanskrit - Ruchira
Meaning of Sanskrit Words in Hindi / English 
Summary and Meaning of Sanskrit Slokas

RUCHIRA - Lesson Sadaacharah (सदाचारः) 
शब्दार्थ, श्लोक का अर्थ - Meaning of Sanskrit Words and Slokas (Stanza)

(१) यस्मिन् = जिस,  सान्तरालानाम् = वर्गों के मध्य आए समस्त उपवर्गों का,  पारम्पर्यक्रमात् = परम्परा क्रम से,  वर्णानाम् = समस्त वर्गों का, उच्यते = कहा जाता है।  
  • प्रथम श्लोक में कहा है कि जिस देश में सभी वर्गों का, वर्गों के मध्य आए सभी उपवर्गों का , परम्पराक्रम से प्राप्त आचार को ही सदाचार कहते हैं। 
(२) त्यजेत् = छोड़ दे,  स्मरेत् = याद करे,   ततः = बाद में,   कृत्वा = करके। 
  • द्वितीय श्लोक का अर्थ है कि सुबह में बिस्तर को छोड़ना चाहिए, सबसे पहले ईश्वर को स्मरण करना चाहिए। उसके बाद नित्यकर्म करके तब अध्ययन करना चाहिए। 
(३) ब्रुयात् = बोलना चाहिए,  अनृतम् = असत्य,  सनातनः = शाश्वत। 
  • तृतीय श्लोक में यह बताया गया है कि मनुष्य को हमेशा सच बोलना चाहिए, प्रिय बोलना चाहिए, अप्रिय सत्य नहीं बोलना चाहिए। प्रिय झूठ नहीं बोलना चाहिए, यह ही सनातन धर्म है। 
(४) सर्वदा = सदा,  मृदुता = कोमलता,  कदाचन = कभी,  ऋजुता = सरलता,  स्यात् = हो,  औदार्यम् = उदारता। 
  • इस श्लोक में कहा गया है कि व्यवहार में सदा उदारता और सत्यता हो। सरलता और कोमलता हो, कभी भी कुटिलता न हो। 
(५) मनसा = मन से,  वाचा = वाणी से,  सेवेत = सेवा करनी चाहिए,  कर्मणा = कर्म से,  सततम् = निरन्तर,  मातरम् = माता  को   
  • पाँचवें श्लोक में कहा गया है कि श्रेष्ठ व्यक्ति जैसे गुरू, माता तथा पिता को मनसे, कर्मसे और वचन से निरन्तर सेवा करनी चाहिए। 
(६) मित्रेण = मित्र के (साथ),  प्रयासेन = प्रयत्नपूर्वक,  ज्ञात्वा = ज्ञान कर,  कलहम् = झगड़ा, परिवर्जयेत् = टाल दे  
  • छठे श्लोक में यह कहा गया है कि मित्रों के साथ झगड़ा करके कोई भी व्यक्ति सुखी नहीं होता है। अतः जानने के पश्चात् मनुष्य को ऐसा नहीं चाहिए, जहां झगड़े की संभावना हो उसे टाल देना चाहिए।   

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NCERT Solutions of CBSE Class 7 Sanskrit - Ruchira
Chapter Sadaacharah textbook exercises answers - सदाचारः (प्रश्न - अभ्यास)

Question 1: सर्वान् श्लोकान् सस्वरं गायत। (सभी श्लोकों को स्वर सहित गाएँ)
उत्तरम् (Answer)Do it yourself in class.

Question 2: उपयुक्तकथनानां समक्षम् 'आम्' अनुपयुक्तकथनानां समक्षं 'न' इति लिखत - (उपयुक्त कथनों के सामने 'आम्' तथा अनुपयुक्त कथनों के सामने 'न' इस प्रकार लिखें)
(क) प्रातः काले ईश्वरं स्मरेत्।  ______
(ख) अनृतं ब्रूयात।                ______
(ग) मनसा श्रेष्ठजनं सेवेत।       ______
(घ) मित्रेण कलहं कृत्वा जनः सुखी भवति।  ______
(ङ) प्रातः काले शय्यां न त्यजेत्।   ________
उत्तरम् (Answer):
(क) प्रातः काले ईश्वरं स्मरेत्। = आम्
(ख) अनृतं ब्रूयात। = 
(ग) मनसा श्रेष्ठजनं सेवेत। = आम्
(घ) मित्रेण कलहं कृत्वा जनः सुखी भवति। = 
(ङ) प्रातः काले शय्यां न त्यजेत्। = 

Question 3: एकपदेन उत्तरत - (एक पद में उत्तर दें)
(क) कदा शय्यां त्यजेत् ?
(ख) कानि कृत्वा अध्ययनं कुर्यात् ?
(ग) किं ब्रूयात् ?
(घ) केन सह कलहं कृत्वा नरः सुखी न भवेत् ?
उत्तरम् (Answer):
(क) प्रातः काले। 
(ख) नित्यकर्माणि।  
(ग) सत्यं। 
(घ) मित्रेण। 

Question 4: रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत - (रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्ननिर्माण करें)
(क) प्रथमम् ईश्वरं स्मरेत्। 
(ख) कलहं कृत्वा नरः दुःखी भवति। 
(ग) पितरं कर्मणा सेवेत। 
(घ) व्यवहारे मृदुता श्रेयसी। 
(ङ) सर्वदा व्यवहारे ऋजुता विधेया। 
उत्तरम् (Answer):
(क) प्रथमम् किम् स्मरेत् ?
(ख) किं कृत्वा नरः दुःखी भवति ?
(ग) कं कर्मणा सेवेत ?
(घ) व्यवहारे का श्रेयसी ?
(ङ) कदा व्यवहारे ऋजुता विधेया ?


Question 5: प्रश्नमध्ये त्रीणि क्रियापदानि सन्ति। तानि प्रयुज्य सार्थक - वाक्यानि रचयत - (प्रश्न के मध्य तीन क्रियापद हैं। उनका प्रयोग कर सार्थक वाक्य बनाएँ)


उत्तरम् (Answer):
(क) सत्यं प्रियं च ब्रूयात्। 
(ख) अनृतं प्रियं च न ब्रूयात्। 
(ग) सत्यं अप्रियं च न ब्रूयात्। 
(घ) वाचां गुरूं सेवेत। 
(ङ) मनसा मातरं पितरं च सेवेत। 
(च) श्रेष्ठजनं कर्मणा सेवेत। 
(छ) व्यवहारे सर्वदा औदार्यं स्यात्। 
(ज) व्यवहारे कदाचन कौटिल्यं न स्यात्।

Question 6: मञ्जूषातः अव्ययपदानि चित्वा - रिक्तस्थानानि पूरयत- (मंजूषा से अव्ययपद लेकर रिक्तस्थान पूर्ति करें)
मञ्जूषा -  तथा   न   कदाचन   सदा    च     अपि 
(क) भक्तः _______ ईश्वरं स्मरति। 
(ख) असत्यं _______ वक्तव्यम्। 
(ग) प्रियं ______ सत्यं वदेत्। 
(घ) लता मेधा ______ विद्यालयं गच्छतः। 
(ङ) _______ कुशली भवान्। 
(च) महात्मागान्धी _______ अहिंसां न अत्यजत्। 
उत्तरम् (Answer):
(क) भक्तः सदा  ईश्वरं स्मरति। 
(ख) असत्यं न  वक्तव्यम्। 
(ग) प्रियं तथा  सत्यं वदेत्। 
(घ) लता मेधा च  विद्यालयं गच्छतः। 
(ङ) अपि  कुशली भवान्। 
(च) महात्मागान्धी  कदाचन  अहिंसां न अत्यजत्। 

Question 7: चित्रं दृष्ट्वा मञ्जूषातः पदानि च प्रयुज्य वाक्यानि रचयत - (चित्र देखकर मंजूषा से पद लेकर वाक्य रचना करें)
[नोट - कृपया चित्र पाठ्यपुस्तक में देखें]
मञ्जूषा -  
लिखति  कक्षायाम्  श्यामपट्टे  लिखन्ति  सः  पुस्तिकायाम्  शिक्षकः  छात्राः  उत्तराणि  प्रश्नम्  ते।
उत्तरम् (Answer):
(क) शिक्षकः प्रश्नं लिखति। 
(ख) सः कक्षायां श्यामपट्टे प्रश्नं लिखति। 
(ग) छात्राः उत्तराणि लिखन्ति। 
(घ) ते पुस्तिकायाम् उत्तराणि लिखन्ति। 

अतिरिक्तः अभ्यासः  (CBSE Sample Questions in Sanskrit & Hindi)
Class 7 NCERT Solutions for Sanskrit 
RUCHIRA - Sadaacharah (सदाचार)

Question : एकपदेन उत्तरत - (एकपद में उत्तर दें)
(क) वर्णानाम् आचारः किम् उच्यते ?
(ख) प्रथमं किं स्मरेत् ?
(ग) कीदृशं सत्यं ब्रूयात् ?
(घ) व्यवहारे का स्यात् ?
(ङ) कं मनसा सेवेत ?
उत्तरम् (Answer):
(क) सदाचारः। 
(ख) ईश्वरम् 
(ग) प्रियम् 
(घ) सत्यता 
(ङ) गुरूम् 

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Supreme Court approved evaluation formula for Class 12: CBSE to declare results by July 31

Posted: 18-June-2021

CBSE Board Class 12 Result 2021 Updates: Ending the suspense for more than 15 lakh Class 12 students over marking scheme for the cancelled CBSE Board Exams 2021, yesterday the Supreme Court has approved an evaluation formula or marking scheme (30:30:40 formula from Class X, XI and Pre-Board Exams) for Class XII framed by CBSE and Council for the Indian School Certificate Examinations (CISCE). The Class 12 result will be based on the Class 10 component (30 per cent) based on the best three performing subjects in the board exams, Class 11 component (30 per cent) will be based on the final exam and Class 12 component (40 per cent) based on unit test/mid-term/pre-board exam results.


Schools will have to finalise the results and upload marks on the Board’s link by July 15, after which CBSE will declare the results by July 31.

www.cbsencertsolution.com
Attorney general K K Venugopal, appearing before the Supreme Court for the Centre, and solicitor general Tushar Mehta, appearing for the CBSE, explained the court the above scheme for evaluation in detail. For the practical and internal assessment component, the student will be assessed according to the actual marks submitted by the school to CBSE.

CBSE has made a provision for holding physical examination for those students who want to improve their marks later when the situation normalises. Such scores would be considered final for those students who opt to appear the physical examination. The dates for the physical examination would be announced after the declaration of results, subject to the prevailing pandemic situation.

Given the varied internal evaluation system for Class 11 and 12 in schools, ranging between the strict and the liberal, the CBSE said it would adopt a moderation mechanism to minimise the advantage to a section of Class 12 students who study in schools known for their liberal marking systems.

A 5-member ‘Results Committee’ has to be set up by each school, consisting of the principal, two senior most post- graduate teachers from same school, and two PGTs from neighbouring schools.

Marks of Class 11 and Class 12 components will be awarded at school level; they will strictly not be comparable across schools due to the variations in the quality of questions, the evaluation standard procedures and the mode of conduct of exams etc. Therefore, to ensure standardisation, each school will have to internally moderate the marks by using reliable reference standard methods as per CBSE’s moderation mechanism.