Samvayo Hi Durjayah | Class 7 Ruchira - Cbse Guide Ncert Solutions | Summary, Sanskrit Word Meaning, NCERT Answers, CBSE Guide Sample Questions | समवायो हि दुर्जयः

 Class 7 NCERT Sanskrit - Chapter 11, Ruchira (CBSE NCERT Solutions)
समवायो हि दुर्जयः (Samvayo Hi Durjayah)

CBSE Guide NCERT Solutions
(एकता अजेय होती है)

Sanskrit Word Meanings in Hindi (शब्दार्थ)
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पुरा = पहले समय में ,  कालेन = समय पाकर ,  अधः =  नीचे ,  चटका =  चिड़िया ,  सन्ततिः = सन्तान ,   प्रमत्तः =  मस्त ,  आगत्य = आकर ,  शुण्डेन = सूंड से ,  व्यलपत् =  विलाप करने लगी ,   विशीर्णानि = फूट गए ,  खगः =  पक्षी,  नाशिता =  नष्ट कर डाली ,  अपसरेत् = हटेगा ,   मण्डूकः = मेंढक ,   पुरः =  सामने ,  वधेन = हत्या से ,   मक्षिकायाः = मक्खी के ,   उपेत्य = पास चलकर ,   चञ्च्वा = चोंच से ,   तृषार्तः = प्यास से व्याकुल ,   निमील्य =  बंद करके ,   अन्तिके = पास ,   मरिष्यति = मर जाएगा ,   बहूनाम् = अनेकों का ,   समवायः = एकता , संगठन ,   गर्त्तः =  गड्ढा ,  मत्वा = समझकर ,   तथाकृते = वैसा किए जाने पर ,   पतितः = गिर पड़ा ,   दुर्जयः =  कठिनता से जीतने योग्य

 Chapter 11, Samvayo Hi Durjayah in Hindi (समवायो हि दुर्जयः)
Class 7 NCERT Sanskrit Lesson Summary in Hindi (Meaning)

प्राचीन काल में एक पेड़ पर एक चिड़िया रहती थी। समय से उसके बच्चे हुए। एक बार कोई मस्त हाथी उस पेड़ के नीचे आकर उसकी डाली को सूँड़ से तोड़ दिया। चिड़िया का घोसला भूमि पे गिर गया। इससे अंडे नष्ट हो गए। इसलिए वह चिड़िया रोने लगी। उसकी विलाप को सुनकर काष्टकूट नामक चिड़िया दुःख से उसे पूछा  - "हे ! कल्याणि तुम किस लिए रो रही हो ?" आदि। 
चिड़िया बोली  - "एक दुष्ट हाथी मेरे बच्चे को मार डाला है। उस हाथी को मारकर मेरा दुःख कम होगा। उसके बाद काष्टकूट उसे वीणरवा नाम के मक्खी के पास लाया। उनदोनों के बातों को सुनकर मक्खी बोली  - "मेरा भी मित्र मेंढक मेघनाद है। शीघ्र ही उसके पास जाकर जैसा उचित होगा वैसा करेंगे। उसी समय वे दोनों मक्खी के साथ जाकर मेघनाद के सामने पूरी कहानी निवेदन किये। 
मेघनाद बोला  - "जैसा मैं कहता हूँ वैसा करो। हे ! मक्खी , पहले तुम दोपहर में उस हाथी के दोनों कानों में आवाज करो जिससे वह दोनों आँखें बंद करके पड़ा रहेगा। तब काष्टकूट चोंच से उसके दोनों आँखों को फोड़ डालेगा और वह  हाथी अंधा हो जाएगा। प्यास से वह जलाशय की ओर जाएगा"।  "रास्ते में बड़ा गड्ढा है। उसके अंत में मैं रहूँगा और आवाज करूँगा। मेरे आवाज को अनुसरण कर वो गड्ढे को जलाशय मानकर उसी में गिर जाएगा और मर जाएगा। और ऐसा करने पर वह हाथी दोपहर में मेंढक के आवाज को अनुसरण करके बड़ा गड्ढे में गिर गया और मर गया"। 
इस लिए कहा गया है कि  - "अनेक निर्बलो का समूह कठिन से कठिन काम को भी संगठन से जीत सकता है"। 

CBSE NCERT Solutions
Sanskrit Chapter 11 NCERT Textbook Exercise Questions 
Samvayo Hi Durjayah in Hindi (समवायो हि दुर्जयः) - प्रश्न अभ्यास

Question 1: प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत  -  (प्रश्नों के उत्तर एकपद में लिखें)
(क) वृक्षे का प्रतिवसति स्म ?
(ख) वृक्षस्य अधः कः आगतः ?
(ग) गजः केन शाखाम् अत्रोटयत् ?
(घ) काष्टकूटः चटकां कस्याः समीपम् अनयत् ?
(ङ) मक्षिकायाः मित्रं कः आसीत् ?
उत्तरम् (Solution)
(क) चटका। 
(ख) गजः। 
(ग) शुण्डेन। 
(घ) मक्षिकायाः। 
(ङ) मण्डूकः। 

Question 2: रेखाङ्कितानि पदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत् -  (रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्ननिर्माण करें)
(क) कालेन चटकायाः सन्ततिः जाता। 
(ख) चटकायाः नीडं भुवी अपतत्। 
(ग) गजस्य वधेनैव मम दुःखम् अपसरेत्। 
(घ) काष्टकूटः चञ्च्वा गजस्य नयने  स्फोटयिष्यति
उत्तरम् (Solution)
(क) कालेन कस्याः सन्ततिः जाता ?
(ख) चटकायाः किं भुवी अपतत् ?
(ग) कस्य वधेनैव मम दुःखम् अपसरेत् ?
(घ) काष्टकूटः केन गजस्य नयने  स्फोटयिष्यति ?

Question 3: मञ्जूषातः क्रियापदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत -  (मंजूषा से क्रियापद लेकर रिक्त स्थान पूर्ति करें)
मञ्जूषा -  करिष्यामि   गमिष्यति   अनयत्    पतिष्यति    स्फोटयिष्यति    त्रोटयति। 
(क) काष्टकूटः चञ्च्वा गजस्य नयने ________  
(ख) मार्गे स्थितः अहमपि शब्दं __________ 
(ग) तृषार्ताः गजः जलाशयं _________ 
(घ) गजः गर्ते _________ 
(ङ) काष्टकूटः तां मक्षिकायाः समीपं ________ 
(च) गजः शुण्डेन वृक्षशाखाः ________ 
उत्तरम् (Solution):
(क) स्फोटयिष्यति। 
(ख) करिष्यामि। 
(ग) गमिष्यति। 
(घ) पतिष्यति। 
(ङ) अनयत्। 
(च) त्रोटयति।

Question 4: प्रश्ननाम् उत्तराणि एकवाक्येन लिखत -  (प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखें)
(क) चटकायाः विलापं श्रुत्वा काष्टकूटः तां किम् अपृच्छत्  ?
(ख) चटकायाः काष्टकूटस्य च वार्तां श्रुत्वा मक्षिका किम् अवदत् ?
(ग) मेघनादः मक्षिकां किम् अवदत् ?
(घ) चटका काष्टकूटं किम् अवदत् ?
उत्तरम् (Solution):
(क) चटकायाः विलापं श्रुत्वा काष्टकूटः अपृच्छत्  - "भद्रे , किमर्थं विलपसि ?" इति। 
(ख) चटकायाः काष्टकूटस्य च वार्तां श्रुत्वा मक्षिका अवदत् - "मम मित्रं मण्डूकः मेघनादः अस्ति।"
(ग) मेघनादः मक्षिकां अवदत् - "मक्षिके ! प्रथमं त्वं मध्याह्ने तस्य गजस्य कर्णे शब्दं कुरू , येन सः नयने निमील्य स्थास्यति।"
(घ) चटका काष्टकूटं अवदत्  - "गजस्य वधेनैव मम दुःखम् अपसरेत्।"

Question 5: उदाहरणमनुसृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत  -  (उदाहरणों के अनुसार रिक्त स्थानों की पूर्ति करें)
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उत्तरम् (Solution):
(क)

पुरुषः 

एकवचनम् 

द्विवचनम् 

बहुवचनम् 

 प्रथम पुरूषः 

पतिष्यति  

पतिष्यतः  

पतिष्यन्ति  

 प्रथम पुरूषः 

मरिष्यति  

मरिष्यतः  

मरिष्यन्ति  

(ख)

पुरुषः 

एकवचनम् 

द्विवचनम् 

बहुवचनम् 

 प्रथम पुरूषः 

धाविष्यसि 

धाविष्यथः 

धाविष्यथ 

 प्रथम पुरूषः 

क्रीडिष्यसि 

क्रीडिष्यथः 

क्रीडिष्यथ 

(ग)

पुरुषः 

एकवचनम् 

द्विवचनम् 

बहुवचनम् 

 प्रथम पुरूषः

हसिष्यामि 

हसिष्यावः 

हसिष्यामः 

 प्रथम पुरूषः 

द्रक्ष्यामि 

द्रक्ष्यावः 

द्रक्ष्यामः 


Question 6: उदाहरणानुसारां "स्म" शब्दं योजयित्वा भूतकालिकक्रियां रचयत -  (उदाहरण के अनुसार "स्म" शब्द का योग करके भूतकालिक क्रिया की रचना करें )
यथा  -  अवसत्  -   वसति स्म 
अपठत्  -  ________ 
अत्रोटयत्  -  _______ 
अपतत्  -  ________ 
अपृच्छत्  -  ________ 
अवदत्  -  ________ 
अनयत्  -  _________ 
उत्तरम् (Solution):
अपठत्  -  पठति स्म 
अत्रोटयत्  -  त्रोटयति स्म। 
अपतत्  -  पतति स्म। 
अपृच्छत्  - पृच्छति स्म। 
अवदत्  -  वदति स्म। 
अनयत्  -  नयति स्म। 

Question 7: कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत  -  (कोष्ठक से उचित पद लेकर रिक्त स्थान पूर्ति करें )
(क) ________ बालिका मधुरं गायति।  (एकम् , एका , एकः)
(ख) _________ कृषकाः कृषिकर्माणि कुर्वन्ति।  (चत्वारः , चतस्र , चत्वारि)
(ग) ___________  पत्राणि सुन्दराणि सन्ति ।  (ते ,  ताः ,  तानि)
(घ) धेनवः दुग्धं ________ ।  (ददाति ,  ददति ,  ददन्ति)
(ङ) वयं संस्कृतम्  ________ ।  (अपठम्  ,  अपठन्  ,  अपठाम)
उत्तरम् (Solution):
(क) एका। 
(ख) चत्वारः। 
(ग) तानि। 
(घ) ददति। 
(ङ) अपठाम। 

अतिरिक्तः अभ्यासः 
(Additional CBSE Sanskrit Sample Questions Answers)

Question 1: एकपदेन उत्तरत  -  (एक पद में उत्तर दें )
(क) चटका कुत्र प्रतिवसति स्म ?
(ख) कालेन तस्याः किं जातम् ?
(ग) कः वृक्षस्य शाखाम् अत्रोटयत् ?
(घ) भुवि किम् अपतत् ?
(ङ) मक्षिकायाः किं नाम आसीत् ?
(च) गजस्य नयने कः अस्फोटयत् ?
उत्तरम् (Solution):
(क) वृक्षे। 
(ख) सन्ततिः। 
(ग) गजः। 
(घ) निडम्। 
(ङ) वीणारवा। 
(च) काष्ठकूटः। 
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Vidyaadhanam | Kalpalatev Vidhhya | Ruchira - 7th Sanskrit - Summary, Word Meaning, Cbse Ncert Solutions of chapter exercise, Additional Sanskrit Questions Answers | विद्याधनम्

 Class 7 Ruchira - Vidyaadhanam (विद्याधनम्)

Kalpalatev Vidhhya (कल्पलतेव विद्या)

CBSE Notes, NCERT Solutions, CBSE Guide for Sanskrit - Ruchira
Sanskrit Words meaning in Hindi / English
Summary and Meaning of Sanskrit Slokas in Hindi

RUCHIRA - Lesson Vidyaadhanam (विद्याधनम्)
शब्दार्थ, श्लोक का अर्थ, Meaning of Sanskrit Words and Slokas (Stanza)

(१)  न चौरहार्यं न . . . . . . . 
      . . .  विद्याधनं  सर्वधनप्रधानम्।। 

चौर्हार्यम् = चोर के द्वारा चुराने योग्य। राजहार्यम् = राजा के द्वारा छीनने योग्य।  भ्रातृभाज्यम् = भार बढ़ाने वाला।व्यये कृते = खर्च किए जाने पर। वर्धते = बढ़ता है।

विद्या चोरों के द्वारा न चुराने योग्य है, न राजा के द्वारा छीनने योग्य है, न भाइयों के द्वारा बाँटने योग्य है, न यह भार बढ़ाने वाली है। खर्च करने से रोज यह बढ़ती है, विद्या धन सभी धन से महान है।

(२) विद्या नाम नरस्य . . . . . 
      . . . . विद्याविहीनः पशुः।। 

प्रच्छन्नगुप्तम् = गुप्त से गुप्त धन। भोगकरी = भोगों को देने वाली। पूज्यते = पूजी जाती है।  विहीनः = रहित।

विद्या नामक मनुष्य का सौंदर्य अधिक बढ़ जाता है, विद्या गुप्त धनों का गुप्त है, विद्या भोग, यश, सुख प्रदान करने वाली है, विद्या सभी गुरुओं का गुरू है। विद्या विदेश में बन्धुजना है, विद्या सभी देवताओं का देवता है, विद्या राजाओं में पूजे जाते है न कि धन, विद्या से रहित मनुष्य पशु के समान है। 

(३) केयूराः न विभूषयन्ति . . . .
      . . . . वाग्भूषणं भूषणम् ।।

केयूराः = बाजूबन्द। चन्द्रोज्ज्वलाः = चन्द्रमा के समान शोभायमान।  विलेपनम् = शरीर पर लेप करने योग्य सुगन्धित द्रव्य। अलङ्कृताः = सजाए हुए। समलङ्करोति = अच्छी प्रकार सुशोभित करती है।  मूर्धजाः = बाल। क्षीयन्ते = नष्ट हो जाते हैं।  सततम् = सनातन। 

पुरूषों को न बाजूबन्द शोभा देता है और न चन्द्र के जैसा उज्ज्वल हार, न सुगन्धित द्रव्यों से स्नान, न फूल और न सँवारे हुए बाल। पुरूषों को एकमात्र संस्कारयुक्त वाणी ही अच्छी तरह सुशोभित करती है। सम्पूर्ण आभूषण नष्ट हो जाते हैं सिर्फ वाणी ही सनातान होता है। 

(४) मातेव रक्षति . . . . 
      . . . . कल्पलतेव विद्या।। 

इव = के समान। कान्ता = पत्नी। अपनीय = दूर करके। तनोती = फैलती है। दीक्षु = दिशाओं में। साधयति = सिद्ध करती है। कल्पलता = देवताओं।

विद्या माता की तरह रक्षा करती है, पिता की तरह कल्याण में लगाती है, पत्नी की तरह कष्टों को दूर कर आनन्द प्रदान करती है। विद्या धन को बढ़ाती है, दिशाओं में यश को फैलाती है, विद्या कल्पलता की तरह क्या-क्या नहीं सफल करती है। 


CBSE NCERT Solution of CBSE Class 7 Sanskrit - Ruchira
Chapter Vidyaadhanam textbook exercises answers - विद्याधनम् (प्रश्न - अभ्यास)
Kalpalatev Vidhhya (कल्पलतेव विद्या)

Question 1. उपयुक्तकथनानां समक्षम् 'आम्', अनुपयुक्तकथनानां समक्षं 'न' इति लिखत - (उपयुक्त कथनों के सामने 'आम्' तथा अनुपयुक्त कथनों के सामने 'न' ऐसा लिखें)
(क) विद्या राजसु पूज्यते।  ______
(ख) वाग्भूषणं भूषणं न।   _______
(ग) विद्याधनं सर्वधनेषु प्रधानम्।  ______
(घ) विदेशगमने विद्या बन्धुजनः न भवति।  ______
(ङ) सर्वं विहाय विद्याधिकारं कुरु।  _______
(च) विद्या सर्वत्र कीर्तिं तनोति।  ________

उत्तरम् (Answer):
(क) विद्या राजसु पूज्यते।  = आम्
(ख) वाग्भूषणं भूषणं न।   = 
(ग) विद्याधनं सर्वधनेषु प्रधानम्।  = आम्
(घ) विदेशगमने विद्या बन्धुजनः न भवति।  = 
(ङ) सर्वं विहाय विद्याधिकारं कुरु।  = आम्
(च) विद्या सर्वत्र कीर्तिं तनोति।  = आम्

Question 2. अधोलिखितानां पदानां लिङ्ग, विभक्तिं वचनञ्च लिखत - (अधोलिखित पदों के लिंग, विभक्ति और वचन लिखें) 
Ruchira - Vidyaadhanam - Kalpalatev Viddhya - CBSE NCERT Solution
उत्तरम् (Answer):

पदानि

लिङ्गम्

विभक्तिः

वचनम्

नरस्य

पुंल्लिङ्गंम्

षष्ठी

एकवचनम्

गुरूणाम्

पुंल्लिङ्गंम्

षष्ठी

बहुवचनम्

केयूराः

पुंल्लिङ्गंम्

प्रथमा

बहुवचनम्

कीर्तिम्

स्त्रीलिङ्गम्

द्वितीया

एकवचनम्

भूषणानि

नपुंसकलिङ्गम्

प्रथमा

बहुवचनम्

 
Question 3. श्लोकांशान् योजयत - (श्लोकांशों को जोड़ें)
Ruchira - Vidyaadhanam - Kalpalatev Viddhya - CBSE NCERT Solution
उत्तरम् (Answer):

विद्या राजसु पूज्यते हि धनम्

विद्या-विहिनः पशुः।

केयूराः विभूषयन्ति पुरुषम्

हारा चन्द्रोज्ज्वलाः।

चौरहार्यं राजहार्यम्

भ्रातृभाज्यं भारकारि।

सत्कारायतनं कुलस्य महिमा

रत्नैर्विना भूषणम्।

वाण्येका समलङ्करोति पुरुषम्

या संस्कृता धार्यते।

मातेव रक्षति पितेव हिते नियुङ्क्ते 

कान्तेव चाभिरमयत्यपनीयखेदम् 


Question 4. एकपदेन प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत - (एक पद में उत्तर लिखें)
(क) कः पशुः?
(ख) का भोगकरी?
(ग) के पुरुषं न विभूषयन्ति?
(घ) का एका पुरुषं समलङ्करोति?
(ङ) कानि क्षीयन्ते?
उत्तरम् (Answer):
(क) विद्याविहीनः।
(ख) विद्या।
(ग) केयूराः।
(घ) वाणी।
(ङ) भूषणानि।

Question 5. रेखाङ्कितपदानि अधिकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत - (रेखांकित पदों के आधार पर प्रशन्न निर्माण करें)
(क) विद्याविहीनः नरः पशुः अस्ति।
(ख) विद्या राजसु पूज्यते।
(ग) चन्द्रोज्ज्वलाः हाराः पुरुषं न अलङ्कुर्वन्ति।
(घ) पिता हिते नियुङ्क्ते?
(ङ) विद्याधनं सर्वप्रधान धनमस्ति।
(च) विद्या दिक्षु कीर्तिं तनोति।
उत्तरम् (Answer):
(विद्याविहीन: पशुअस्ति?
(का राजसु पूज्यते?
(चन्द्रोज्ज्वलाके पुरुषं न अलङ्कुर्वन्ति?
(: हिते नियुङ्क्ते?
(विद्याधनं कीदृशं  धनमस्ति?
(विद्या कुत्र कीर्तिं तनोति?

Question 6. पूर्णवाक्येन प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत - (पूर्ण वाक्य में प्रश्नों के उत्तर लिखें)
(क) गुरूणां गुरुः का अस्ति?
(ख) कीदृशी वाणी पुरुषं समलङ्करोति?
(ग) व्यये कृते किं वर्धते?
(घ) भाग्यक्षये आश्रयः कः?
  
(ङ) विद्या कुत्र कीर्तिं वितनोति ?
  (च) माता पिता इव विद्या किं किं करोती ?
उत्तरम् (Answer):
(क) गुरूणां गुरुः विद्या अस्ति।
(ख) संस्कृता धार्यते वाणी पुरुषं समलङ्करोति।
(ग) व्यये कृते विद्याधनं वर्धते।
(घ) भाग्यक्षये आश्रयः विद्या अस्ति।
() विद्या दिक्षु कीर्तिं वितनोती। 
() माता पिता इव विद्या रक्षति हिते च नियुङ्क्ते। 

Question 7. मञ्जूषातः पुँल्लिङ्ग-स्त्रीलिङ्ग-नपुंसकलिङ्गपदानि चित्वा लिखत - (मंजूषा से पुंल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग और नपुंसकलिङ्ग पदों को लेकर लिखो)
विद्या   धनम्    संस्कृता    सततम्    मूर्धजाः    पशुः    गुरूः    रतिः    कान्ता 
Ruchira - Vidyaadhanam - Kalpalatev Viddhya - CBSE NCERT Solution
उत्तरम् (Answer):

पुंल्लिङ्गंम्

स्त्रीलिङ्गम्

नपुंसकलिङ्गम्

पशुः

विद्या

धनम्

गुरुः

संस्कृता

कुसुमम्

मूर्धजाः

रतिः

सततम्

-

कान्ता 

-


अतिरिक्तः अभ्यासः (CBSE Sample Additional Questions in Sanskrit & Hindi)

Class 7 Ruchira - CBSE NCERT Solution for Sanskrit

Vidyaadhanam (विद्याधनम्)Kalpalatev Vidhhya (कल्पलतेव विद्या)

Question: एकपदेन उत्तरत - (एक पद में उत्तर दें)
(क) किं चौरहार्यं अस्ति ?
(ख) विद्या नरस्य किम् अस्ति ?
(ग) गुरूणां गुरूः कः अस्ति ?
(घ) कीदृशी वाणी पुरूषं समलङ्करोति ?
(ङ) माता इव का रक्षति ?
उत्तरम् (Answer):
(क) विद्याधनम् । 
(ख) रूपम् । 
(ग) विद्या । 
(घ) संस्कृता । 
(विद्या । 

Question: अधोलिखितेषु सन्धिविरधेया - (निम्नलिखित सन्धि करें)
यथा - रमा ईशः - रमेशः। 
(क) पिता इव। 
(ख) माता इव। 
(ग) कान्ता इव। 
(घ) राका ईशः। 
(ङ) लता इव। 
उत्तरम् (Answer):
(क) पितेव। 
(ख) मातेव। 
(ग)  कान्तेव। 
(घ) राकेशः। 
() लतेव।