CBSE Class 7 Sanskrit Vyakran | NCERT Sanskrit Grammar | Vyanjan Sandhi | व्यंजन संधि

 

Cbse Ncert Sanskrit Grammar संस्कृत व्याकरण
Sanskrit Sandhi Prakarnm (व्यंजन संधि) 

(१) व्यंजन संधि ==> स्वर अथवा व्यंजन वर्णों के मेल से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे व्यंजन संधि कहते हैं। जैसे - 
उत् + लेखः = उल्लेखः 

(२) वर्ग के प्रथम वर्ण के बाद वर्ग का तृतीय, चतुर्थी वर्ण या, य्, र्, ल्, व्, ह् अथवा स्वर वर्ण आये तो प्रथम वर्ण अपने वर्ग के तृतीय वर्ण में बदल जायेगा| यथा - 
क ==> ग्, च् ==> ज्, ट् ==>ड्, त् ==> द्, प् ==> ब् 
दिक् + अम्बरः = दिगम्बरः, 
दिक् + गजः = दिग्गजः, 
अप् + जम्  = अब्ज्म्, 
अच् + अन्तः = अजन्तः, 
जगत् + बन्धुः = जगद्बन्धुः  

(३) "स्" और तवर्ग के बाद श् और चवर्ग आए तो इसप्रकार बदलाव होते हैं - 
स् ==> श, तवर्ग ==> चवर्ग 
रामस् + शेते = रामश्शेते, 
सत् + चारित्रः = सच्चरित्रः,
"स्" और तवर्ग के बाद ष, तवर्ग रहे तो तवर्ग का टवर्ग और स का ष हो जाता है| यथा -
आकृष् + तः = आकृष्टः

(४) अगर झ्, भ्, ध्, ढ़, घ्, ज्, ब्, ग्, ड्, ढ, क्, और प के बाद 'श्' हो तो 'श' के स्थान में 'छ्' हो जाता है और 'त्' या 'द' वर्ण का 'च्' हो जाता है|    
तद् + शिरः = तच्छिरः, 
तद् + शिवः = तच्छिवः 

(५) अगर 'म' के बाद कोई व्यंजन वर्ण रहे तो 'म' का अनुस्वार हो जाता है। जैसे -
सम् + गमः = संगम्,
सम् + सारः = संसारः

(६) अगर 'म' के बाद कोई स्पर्श वर्ण (कवर्ग से पवर्ग तक) हो तो 'म' का अनुस्वार या फिर परवर्ती वर्ण का पंचम हो जाता है।
सम् + कल्पः = संकल्पः,
मृत्युम् + जयः = मृत्युञ्जयः

(७) सम् उपसर्ग के बाद अगर 'कृ' धातु से बना कोइ शब्द आये तो 'म' का अनुस्वार हो जाता है और 'स्' का आगम हो जाता है| जैसे -
सम् + कारः = संस्कारः,
सम् + कृतिः = संस्कृतिः,
सम् + कृतः = संस्कृतः

 CBSE NCERT Sanskrit Grammar (Vyakran) 

    

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