Papa Kho Gaye by Vijay Tendulkar - CBSE Class 7 Hindi Vasant Bhag 2 - NCERT Answers - पापा खो गए

 

पापा खो गए 
Class 7 Papa Kho Gaye by Vijay Tendulkar 

CBSE Hindi Vasant Bhag 2 NCERT Answers of Exercise Questions

प्रश्न अभ्यास (नाटक से)
Question 1. पापा खो गए नाटक में आपको सबसे बुद्धिमान पात्र कौन लगा ?
Answer: इस नाटक में सबसे बुद्धिमान पात्र हमें कौआ लगा। कारण वह उड़-उड़ कर सभी घटनाओं की जानकारी रखता है। अच्छे - बुरे लोगों की उसे पहचान है। उसी की सूझ-बूझ के चलते Sअसामाजिक तत्व यानी दुष्ट व्यक्ति के हाथों में जाने से बच्ची बाख जाती है।

Question 2. पेड़ और खंभे में दोस्ती कैसे हुई ?
Answer: पेड़ का जन्म समुद्र के किनारे में हुआ था। पेड़ अकेला बड़ा हो रहा था। कुछ दिनों बाद वहाँ एक खंभा लगाया गया तो पेड़ ने उस खंभे से मित्रता करने की कौशिश की। लेकिन खंभा अपनी अकड़ के कारण पेड़ से नहीं बोलता था। फिर एकदिन घोर वर्षा और तेज़ हवा चली जिससे खंभा उस पेड़ से जा टकराया और गिरने से बच गया। इस घटना में पेड़ ने स्वयं घायल होकर उस खंभे को धरती पर गिरने से बचा लिया। उस दिन से ही इन दोनों में गहरी दोस्ती हो गयी।

Question 3. लैटरबक्स को सभी लाल ताऊ कहकर क्यों पुकारते थे?
Answer: लैटरबक्स को सभी लाल ताऊ कहकर क्यों पुकारते थे क्योंकि वह पुराना होने के साथ-साथ पूरे का पूरा लाल रंग से रंगा था।

Question 4. लाल ताऊ किस प्रकार बाकी पात्रों से भिन्न है?
Answer: लाल ताऊ पढ़ा लिखा, बुद्धिमान, हँसमुख और मिलनसार था। वह नीरस व बोझिल वातावरण को भी भजन और संगीत से सरस बना देता था। इन्हीं गुणों की वजह से वह अन्य पात्रों से भिन्न है।

Class 7 NCERT Solutions of Vasant Bhag 2 - Papa Kho Gaye by Vijay Tendulkar 

Question 5. नाटक में बच्ची को बचानेवाले पात्रों में एक ही सजीव पात्र है। उसकी कौन-कौन सी बातें आपको मज़ेदार लगी? लिखिए।
Answer: नाटक में बच्ची को बचानेवाले पात्रों में एक ही सजीव पात्र कौआ है।
कौआ बड़ा बुद्धिमान है, क्योंकि बच्ची को बच्ची को बचाने में सबसे बड़ी भूमिका उसी ने निभाई। उसे सामयिक घटनाओं का पूरा-पूरा ज्ञान है तथा समाज के अच्छे-बुरे लोगों की भी पहचान है। वह एक दूरदर्शी व सच्चा मित्र है। कर्कश आवाज़ के बावजूद वह मन में कोमल एवं व्यवहारिक था।
उसी की योजनानुसार वह दुष्ट व्यक्ति भुत के डर से बच्ची को छोड़ कर भाग जाता है और फिर बच्ची को सकुशल घर पहुँचाने के लिए पुलिस के आने की प्रतीक्षा की जाती है। अंत में जब इस बात पर ध्यान गया कि पुलिस के न आने पर क्या किया जायगा, तब कौआ ही लैटरबक्स को बड़े-बड़े अक्षरों में 'पापा खो गए' लिखने व सबको यह कहने की सलाह देता है कि - किसी को इस बच्ची की पापा मिलें तो उन्हें वहाँ ले जाए।

Question 6. क्या वजह थी की सभी पात्र मिलकर भी लड़की को उसके घर नहीं पहुँचा पा रहे थे?
Answer: सभी पात्र मिलकर भी लड़की को उसके घर नहीं पहुँचा पा रहे थे क्योंकि लड़की बहुत छोटी व अबोध थी। उसे तो अपने पिता का नाम या घर का पता तक मालूम नहीं था जिसकी वजह से उसे घर पहुँचाना बहुत कठिन था।

नाटक से आगे 
Question: मराठी से अनूदित इस नाटक का शीर्षक 'पापा खो गए' क्यों रखा गया होगा? अगर आपके मन में कोई दूसरा शीर्षक हो तो सुझाइए और साथ में कारण भी बताइये। 
Answer:  इस नाटक का शीर्षक 'पापा खो गए' इसलिए रखा गया होगा क्योंकि लड़की को अपने पापा का नाम व घर का पता कुछ भी मालूम नहीं था। नाटक के सभी पात्र मिलकर उसके पापा को खोजने की योजना बनाते हैं और अंत तक इस अनोखे शीर्षक के द्वारा ही सब ने मिलकर उस बच्ची को उसके घर तक पहुँचाने  कौशिश करते हैं।   
वैसे इस नाटक का दूसरा शीर्षक 'गुमशुदा बच्ची' भी रखा जा सकता है जिसकी पहली वजह, पूरी कहानी में एक गुमशुदा बच्ची का घर का पता लगाकर कैसे उसे घर तक पहुँचाया जाय इसी पर आधारित है। और दूसरी वजह, अगर कोई बच्ची खो जाय तो माता-पिता की ओर से प्रायः इसी शीर्षक के अधीन पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया जाता है।       

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CBSE Sample Questions for Class 7, Papa Kho Gaye by Vijay Tendulkar  - Chapter 7 NCERT Hindi Vasant Bhag 2  

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