Kadi Aur Kokila by Makhanlal Chaturvedi from Kshitij Bhag 1 - Summary and CBSE Sample Questions with Answers

 

'Kadi Aur Kokila' by Makhanlal Chaturvedi

Hindi Poem from NCERT Kshitij Bhag 1

Summary of the Poem, Kavi Parichay, CBSE Extra Important Questions with Answers

Question: माखनलाल चतुर्वेदी जी की रचनाओं का काव्यगत विशेषता एवं उनमें किये गए प्रमुख भाषा-शैली का उल्लेख कीजिए।  
Answer: हिंदी साहित्य में 'एक भारतीय आत्मा' नाम से प्रसिद्ध माखनलाल चतुर्वेदी जी कवि होने के साथ-साथ एक सफ़ल गद्यकार भी हैं। 'हिम किरीटनी', 'हिम तरंगिनी', 'युगचरण', 'समर्पण', 'माता', 'वेणु लो गूँजे धरा' आदि उनकी प्रमुख रचनाओं में से हैं। 
काव्यगत विशेषताएँ : माखनलाल चतुर्वेदी की रचनाएँ राष्ट्रीयता, राष्ट्र-प्रेम, देश के लिए त्याग और बलिदान आदि पर आधारित हैं। असहयोग आंदोलन और स्वतंत्रता-संग्राम में सक्रीय योगदान के कारण उनके काव्यों में सच्चे देश-प्रेम और बलिदान की भावना उजागर होता है। इसके अलावा उनकी कुछ रचनाएँ भक्ति, अध्यात्म, प्रकृति और प्रेम पर भी आधारित हैं।
भाषा-शैली : चतुर्वेदी जी की भाषा शुद्ध तथा उनमें शिल्प और अलंकार के तुलना में भाव को अधिक महत्व दिया गया है।  उन्होंने परंपरागत छंदबद्धता एवं तत्सम शब्दावली के स्थान पर बोल-चाल की भाषा के साथ-साथ उर्दू, फ़ारसी के शब्दों का भी प्रयोग किया है।                 

Question: 'कैदी और कोकिला' कविता का सार अपने शब्दों में लिखिए। 
Answer: 'कैदी और कोकिला' कविता में कवि पराधीन भारत की जेलों में तत्कालीन अंग्रेज़ सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के साथ किये गए अमानवीय यातनाओं का वर्णन करते हुए देशवासियों को क्रांति करने का आह्वान किया है। यातनाओं को प्रदर्शित करने के लिए कवि ने एक कोयल का सहारा लिया है। 
कारागृह की काल कोठरी की एकांत में बैठे हथकड़ियों से कैद, उदास कवि अँधेरी रात में अचानक कोयल का मधुर स्वर सुनकर आंदोलित हो उठता है। कोकिल से अपने मन का दुःख, असंतोष, यातना और ब्रितानी शासन के प्रति अपने आक्रोश को व्यक्त करते हुए वह कहता है कि यह समय मधुर गीत गाने का नहीं बल्कि मुक्ति का गीत सुनाने का है। कवि को ऐसा प्रतीत होता है कि कोयल भी पुरे देश को एक कारागार के रूप में देख रही है अथवा जेल में बंदी स्वतंत्रता सेनानियों के दुःख से द्रवित हो गई है और इसीलिए मध्य रात्रि में ही चीख उठी है। 
कवि ने अंग्रेजी शासन को काला शासन कहा है। अंग्रेज़ो के शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है। कोयल पूरी तरह स्वतंत्र है, जबकि कवि बंदी तथा चिर-उपेक्षित है। इसीलिए कवि चाहता है कि कोयल आकाश में उड़ते हुए अपनी मधुर गीत से पराधीनता के विरुद्ध लड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करे। ब्रितानी उपनिवेशवाद के शोषण तंत्र का सटीक विश्लेषण करती 'कैदी और कोकिला' एक बहुत लोकप्रिय कविता है।   

Question: 'कैदी और कोकिला' कविता में कवि ने कोयल की आवाज़ को 'हूक' क्यों कहा है?    
Answer: कवि को कोयल की स्वर में दुःख और वेदना की अनुभूति हुई।  इसीलिए कवि ने कोयल की आवाज़ को 'हूक' कहा है।        

Question: कवि को कारागृह में किन लोगों के साथ रहना पड़ा?    
Answer: राजनैतिक कैदी होने पर भी कवि को कारागृह में रहने के लिए अलग व्यवस्था नहीं दी गई। वहाँ उन्हें साधारण अपराधियों जैसे चोर, डाकु, खुनी, राहजनों के बीच रहना पड़ा।      

Question: पंडित माखनलाल चतुर्वेदी को किस कारण जेल जाना पड़ा? वहाँ उन्हें किस प्रकार की यातनाएँ सहनी पड़ी?   
Answer: माखनलाल चतुर्वेदीजी को असहयोग तथा स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण जेल जाना पड़ा। 
जेल में कवि को घोर यातनाएँ सहनी पड़ी। उन्हें हथकड़ियों में कैद करके एक छोटी सी काल कोठरी रखा गया। बहुत ही घटिया और थोड़े से भोजन देकर उनसे पशुओं की तरह काम करवाया जाता था। कोल्हू चलाने के लिए बैल की जगह उन्हें जोत दिया गया, कड़ी धुप में पत्थरें तुड़वाई गई। इस तरह अनेक प्रकार की कठिन व अमानवीय यातनाएँ झेलनी पड़ी।    

Question: कवि ने कोयल को बावली क्यों कहा है? 

Question: कोकिल को 'काली' की संज्ञा देना कहाँ तक उचित है? अपना विचार व्यक्त कीजिए।  

Question: कोकिल के स्वर को 'चमकीले गीत' क्यों कहा गया है?

Question: 'कैदी और कोकिला' कविता के आधार पर आशय स्पष्ट कीजिए: 
(क) 'नभ-भर का संचार'   
(ख) 'दस फुट का संसार'  
(More questions will be added)

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