Class X, Hindi Kshitij - NCERT Answers of Chapter 13, Sarveshwar Dayal Saxena - मानवीय करूणा की दिव्य चमक | Solution of CBSE questions

 

Class X, CBSE Hindi Course-A

NCERT answers of Kshitij Bhag 2

Chapter 13, by Sarveshwar Dayal Saxena 

मानवीय करूणा की दिव्य चमक

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Question 7: आशय स्पष्ट कीजिए - 
(क) नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है।  
(ख) फ़ादर को याद करना एक उदास शांत संगीत को सुनने जैसा है।   
Answer: (क) फ़ादर बुल्के की मृत्यु पर वहाँ उपस्थित नम आँखों वाले व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करना सिर्फ स्याही को बरबाद करना है। कहने का आशय है कि आँसू बहाने वालों की संख्या इतनी अधिक थी कि उसे गिनना संभव नहीं था।

(ख) जिस प्रकार एक उदास शांत संगीत को सुनते समय हमारा मन गहरे दुःख में डूब जाता है, वातावरण में एक अवसाद भरी निस्तब्ध शांति छा जाती है और हमारी आँखें अपने-आप ही नम हो जाती हैं, ठीक वैसी ही दशा फ़ादर बुल्के को याद करते समय हो जाती है।    

Question 8: आपके विचार से बुल्के ने भारत आने का मन क्यों बनाया होगा ? 
Answer:  फ़ादर के जीवनी से ऐसा पता चलता है कि उनके मन में बचपन से ही अध्यात्म के प्रति पर्याप्त रुचि थी। तभी उनकी माँ ने कहा था कि लड़का तो हाथ से गया। उन्होंने संन्यास तब लिया, जब वे इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में थे। यह सम्भव है कि उस समय तक उन्होंने सम्पूर्ण विश्व के विभिन्न देशों में आध्यात्मिक ज्ञान के संदर्भ में जानकारी प्राप्त कर ली होगी। और उन्हें लगा होगा कि भारत अध्यात्म के क्षेत्र में समस्त विश्व में श्रेष्ठ है तथा यहाँ उन्हें सही आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हो सकेगा।  
ऋषि-मुनियों की तपोभूमि होने के कारण इस देश के प्रति उन के मन में श्रद्धा की भावना भी रही होगी।  उनके मन में भगवान राम के उन्नत चरित्र के कारण उनके प्रति श्रद्धा-भाव भी रहा होगा जिसके कारण उन्होंने श्रीराम-कथा को अपने शोध का विषय बनाया।
मेरे विचार से इन्ही कारणों से फ़ादर बुल्के ने भारत आने का मन बनाया होगा।  

Question 9: "बहुत सुन्दर है मेरी जन्मभूमि - रेम्सचैपल।" - इस पंक्ति में फ़ादर बुल्के की अपनी जन्मभूमि के प्रति कौन-सी भावनाएँ अभिव्यक्त होती हैं ? आप अपनी जन्मभूमि के बारे में क्या सोचते हैं ?  
Answer: "बहुत सुन्दर है मेरी जन्मभूमि - रेम्सचैपल।" - इस पंक्ति में फ़ादर बुल्के की अपनी जन्मभूमि के प्रति अपार श्रद्धा व प्रेम की भावना अभिव्यक्त होती है।  
मेरी जन्मभूमि भी मुझे बहुत सुन्दर और प्यारी लगती है। मैं इसी धरती के गोद में खेलकर बड़ा हुआ हूँ, अतः यहाँ की धरती भी मेरी माता के समान है। इसके प्रति मेरा भी कुछ कर्त्तव्य है तथा मेरे मन में भी अपनी जन्मभूमि के लिए उतना ही प्यार, सम्मान तथा भक्ति है।        

Question 11: आपका मित्र हडसन एंड्री ऑस्ट्रेलिया में रहता है।  उसे इस बार की गर्मी की छुट्टियों के दौरान भारत के पर्वतीय प्रदेशों के भ्रमण हेतु निमंत्रित करते हुए पत्र लिखिए।  
Answer: 
परिक्षा भवन
केन्द्रीय विध्यालय
वारंगल
दिनांक: २६-१०-२०१३
प्रिय मित्र हडसन,

तुम्हारा पत्र पढ़कर बहुत खुशी हुई जिसमें तुमने गर्मी की छुट्टियों में भारत आने की इच्छा प्रकट की है।  यहाँ हमारे स्कूल में भी गर्मी की छुट्टी हो चुकी है जो अगले एक महीने तक रहेगा।  जैसा कि तुम्हें मालूम होगा कि भारत एक विशाल देश है, देखने के लिए हिमालय जैसे विशाल पर्वतीय क्षेत्र से लेकर राजस्थान की रेगिस्थान तथा समुद्री तट सभी कुछ मौजुद हैं। 

मेरा हार्दिक इच्छा है कि तुम गर्मी की छुट्टियों में मेरे यहाँ आओ और हम दोनों यह छुट्टियाँ साथ रहकर मनाए।  इस दौरान हम भारत के पर्वतीय प्रदेशों के भ्रमण करेंगें - दार्जिलींग, शीमला, नैनीताल और कश्मीर। इन जगहों के मौसम इस समय अत्यंत मनमोहक रहता है। हम निश्चित है यह तुम्हारे लिए एक नया अनुभव होगा तथा तुम्हारे यहाँ आने से मेरे और मेरे घरवालों को बहुत ही आनंद होगा। मैं आशा करता हूँ कि तुम मेरा निमंत्रण अवश्य स्वीकार करोगे और शीघ्र ही तुम्हारे आने की सूचना दोगे।  

इसी के साथ मैं अपना यह पत्र समाप्त करता हूँ।  

इति तुम्हारा मित्र,
                                                                                                                                                क ख ग 
पता :-
हडसन एंड्री 
सिडनी, 
ऑस्ट्रेलिया 

        

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